बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल अस्थिर होता जा रहा…..
बांग्लादेश में आम चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल लगातार अस्थिर होता जा रहा है। जमात-ए-इस्लामी ने दावा किया है कि देश में इस समय निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराना संभव नहीं है। पार्टी का आरोप है कि मौजूदा हालात में सत्ता पक्ष एक विशेष राजनीतिक दल को बढ़त दिलाने की कोशिश कर रहा है।

जमात-ए-इस्लामी की केंद्रीय कार्यकारिणी की हालिया बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया कि फरवरी में होने वाले संसदीय चुनाव से पहले राजनीतिक परिस्थितियों की गहन समीक्षा की गई है। पार्टी का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे लोकतंत्र कमजोर हो रहा है।
बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद अंतरिम सरकार के नेतृत्व में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) को अगली सरकार के सबसे मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि 2001 से 2006 के बीच जमात-ए-इस्लामी, बीएनपी के साथ गठबंधन सरकार का हिस्सा रही थी और आगामी चुनावों में एक बार फिर बीएनपी की प्रमुख सहयोगी मानी जा रही है।
पार्टी प्रमुख डॉ. शफीकुर रहमान की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह भी कहा गया कि जमात को देश के विभिन्न हिस्सों से शिकायतें मिली हैं, जिनमें आरोप लगाए गए हैं कि कुछ सरकारी अधिकारी खुले तौर पर एक खास राजनीतिक दल के पक्ष में काम कर रहे हैं। जमात नेताओं ने हाल के महीनों में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमलों पर भी चिंता जताई।
इसके साथ ही जमात-ए-इस्लामी ने चुनाव आयोग और कानून-व्यवस्था से जुड़े संस्थानों से अपील की है कि वे अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करें, ताकि देश में निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और विश्वसनीय चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें।
