बांग्लादेश की पूर्व PM खालिदा जिया के जनाज़े में भारत की ओर से कौन होगा शामिल? सामने आया नाम

बांग्लादेश की राजनीति से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है। देश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की प्रमुख बेगम खालिदा जिया का निधन हो गया है। उन्होंने मंगलवार, 30 दिसंबर 2025 को अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली।
खालिदा जिया के निधन के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों से जुड़ा एक अहम सवाल भी सामने आया—भारत की ओर से उनकी अंतिम यात्रा में कौन शामिल होगा। अब इस पर तस्वीर साफ हो गई है। भारत सरकार की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर बांग्लादेश की राजधानी ढाका जाएंगे और खालिदा जिया के जनाज़े में शामिल होकर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह यात्रा बुधवार, 31 दिसंबर 2025 को प्रस्तावित है।
खालिदा जिया के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा कर संवेदना व्यक्त की और बांग्लादेश के लोगों के प्रति अपनी सहानुभूति जाहिर की। पीएम मोदी ने अपने संदेश में साल 2015 में खालिदा जिया से हुई मुलाकात को भी याद किया और उस मुलाकात की एक तस्वीर साझा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि ढाका में बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया के निधन का समाचार बेहद दुखद है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार और बांग्लादेश की जनता के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट कीं और ईश्वर से परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में खालिदा जिया का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने देश के विकास के साथ-साथ भारत-बांग्लादेश रिश्तों को मज़बूत करने में भी अहम भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि खालिदा जिया की सोच और विरासत दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे भी दिशा देती रहेंगी।
बताया जा रहा है कि खालिदा जिया लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं। उन्हें दिल और फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं थीं और इसी वजह से 23 नवंबर 2025 को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी हालत में बार-बार उतार-चढ़ाव आता रहा। आखिरी दिनों में वह निमोनिया की चपेट में भी आ गई थीं और करीब 36 दिनों तक डॉक्टरों की सख्त निगरानी में रहीं। अंततः उनकी हालत नाजुक हो गई और उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।
खालिदा जिया के निधन से न सिर्फ बांग्लादेश बल्कि पूरे दक्षिण एशिया की राजनीति में एक युग का अंत माना जा रहा है।
